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इनकम टैक्स कैलकुलेटर FY 2026-27

अपनी सालाना सैलरी और छूट (डिडक्शन) डालें — दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में टैक्स एक साथ दिखेगा, धारा 87A रिबेट, मार्जिनल रिलीफ, सरचार्ज और 4% सेस के साथ।

पुरानी व्यवस्था के डिडक्शन (नई व्यवस्था में लागू नहीं)

Rates: Finance Act slabs for FY 2026-27 (unchanged from FY 2025-26). Surcharge marginal relief is not modelled for incomes above ₹50 lakh. This is an estimate — consult a tax professional for filing.

नई व्यवस्था के स्लैब (FY 2026-27)

₹4 लाख तक: शून्य · ₹4–8 लाख: 5% · ₹8–12 लाख: 10% · ₹12–16 लाख: 15% · ₹16–20 लाख: 20% · ₹20–24 लाख: 25% · ₹24 लाख से ऊपर: 30%। वेतनभोगियों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है और 87A रिबेट से ₹12 लाख तक की टैक्सेबल आय पर कोई टैक्स नहीं लगता — यानी ₹12.75 लाख तक की सैलरी टैक्स फ्री है।

पुरानी व्यवस्था के स्लैब

₹2.5 लाख तक: शून्य (60–79 वर्ष के लिए ₹3 लाख, 80+ के लिए ₹5 लाख) · ₹5 लाख तक: 5% · ₹5–10 लाख: 20% · ₹10 लाख से ऊपर: 30%। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 है। जिनके 80C, HRA और होम लोन जैसे बड़े डिडक्शन हैं, उनके लिए पुरानी व्यवस्था अब भी फ़ायदेमंद हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या FY 2026-27 में ₹12 लाख तक की आय टैक्स फ्री है?
हाँ, नई व्यवस्था में। ₹12 लाख तक की टैक्सेबल आय पर धारा 87A के तहत पूरी छूट है, और वेतनभोगियों को ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है।
क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब बदले?
नहीं। FY 2026-27 के स्लैब, रिबेट और स्टैंडर्ड डिडक्शन FY 2025-26 जैसे ही हैं।